शरीर का वह अंग जो सोचने, समझने तथा सूचनाओं का आदान-प्रदान करता है उसे तंत्रिका तंत्र कहते हैं। मस्तिष्क (Brain) तंत्रिका तंत्र का मुख्य भागों में से एक है।
मस्तिष्क का वजन 1350 से 1400 ग्राम तक होता है। यह सूचनाओं के आदान-प्रदान, तापमान तथा भूख प्यास पर नियंत्रण रखता है। मानव का मस्तिष्क तंत्रिका कोशिका का बना होता है।
• मस्तिष्क के प्रकार (Type of Brain)
- अग्र मस्तिष्क
- मध्य मस्तिष्क
- पश्च मस्तिष्क
(a) सेरीब्रम - इसे प्रमस्तिष्क भी कहते हैं। यह मस्तिष्क का सबसे बड़ा तथा विकसित भाग है। यह कुल मस्तिष्क का 66% भाग इसका मुख्य कार्य स्मृति ज्ञान, बुद्धिमान, चिंतन या इच्छा शक्ति को नियंत्रित करता है। स्मरण शक्ति को कार्टेक्स में मापते हैं।
(b) थैलेमस - यह बाहरी वातावरण का ज्ञान करता है। जैसे ठंड, गर्मी, सर्दी, दर्द इत्यादि को बताता है।
(c) हाइपोथैलेमस - यह शरीर के अंदर रक्तचाप, तापमान, भूख, प्यास, प्रेम, घृणा, गुस्सा, नींद इत्यादि को नियंत्रित करता है। जब शरीर के अंदर का तापमान बढ़ता है तो यह पसीना निकलने का आदेश देता है। हाइपोथैलेमस को Emotion Centre कहा जाता है।
(2) मध्य मस्तिष्क दो प्रकार के होते हैं।
(a) कारपोरा - यह देखने तथा सुनने की क्रिया को नियंत्रित करता है।
(b) सेरीब्रल पेंडिकल - यह Brain को Spinal Cord से जोड़ता है।
• Spinal Cord - यह रिठ की हड्डी में अवस्थित होता है। इसे द्वितीय Brain भी कहते हैं। यह मस्तिष्क में जाने वाले उद्दीपनों (Signal )को नियंत्रित करता है अर्थात यह Signal का संवहन करता है। मेरुरज्जु प्रतिवर्ती क्रिया को भी नियंत्रित करता है।
Remark - वैसी क्रिया जो अतिशीघ्र तथा अनैच्छिक रूप से होती है, उसे प्रतिवर्ती क्रिया कहते हैं। जैसे छींक आना, जमाई लेना, लार का टपकना, गर्म वस्तु पर हाथ पढ़ने पर अचानक हटा लेना।
(3) पश्च मस्तिष्क दो प्रकार के होते हैं।
(a) सेरीबेलम - यह Brain का दूसरा सबसे बड़ा भाग है। यह संतुलन बनाने तथा ऐच्छिक मांसपेशियों पर नियंत्रण रखता है।
(b) मेडुला आब्लांगाटा - यह मस्तिष्क का सबसे पिछला भाग है। यह उपापचय, हृदय धड़कन, आहार नाल में पाचन तथा क्रमाणु कुचन को नियंत्रित करता है।